Thursday, August 7, 2014

August 2014 Prediction

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August 2014

मेष  - राशी स्वामी  मंगल की दृष्टि होने से मान  -प्रीतिष्ठ  बढेगा और  बडे लोगो से सम्पर्क  बढेगे परन्तु शनि की दृष्टी भी होने से  अकस्मिक खर्च तथा तनाव  बढेगे. मासांत  मे खर्चो मे वृद्धि  के साथ निर्वाह योग्य आय के साधन बनेगे.

 वृष - माह के आरम्भ  मे इस राशी पर मंगल की दृष्टी होने से अकस्मिक खर्चो मे वृद्धि  होगी. पूर्वार्ध  भाग मे अत्यंत कठिन समस्याओ का सामना रहेगा. व्यर्थ की भागदौड़  ऑर चिन्ताओ मे भी वृद्धि  होगी. उतरार्ध भाग मे कोई बिगडा कार्य बन जाने से हालत मे सुधार होंगे. खुशी के अवसर भी मिलेंगे.


मिथुन- महिने के प्रारम्भ  मे अत्यधिक परिश्रम के करने से ही निर्वाह योग्य धन की प्राप्ति होगी. किन्तु बुध दूसरे भाग मे अस्तगत होने से लेन देन के कार्यो में  परेशानी ऑर खर्च भी बढ़ चढ़  के होंगे. उतरार्ध मे कुछ  बिगडे काम बनेगे. धर्मिक कार्यो मे रूचि रहेगी. किन्तु स्वास्थ्य ढीला ऑर गुप्त चिन्ताये रहेगी. श्री विष्णु सहस्त्रनाम  का पाठ करना  शुभ होगा.

कर्क - इस माह शनि की अशुभ दृष्टी होने से बंटे कामो मे विघन,घरेलू ऑर अर्थिक उलझने बढेगी. परिवार मे मन मुटाव रहे. स्वास्थ्य  सम्बन्धी चिन्ता परन्तु  गुरु का संचार  होने से अकस्मत धन लाभ की सम्भावनाये होंगी. परिवार मे शुभ सूचना ऑर विदेशी सम्पर्क सूत्र बनेगे.

सिंह- अक्समात  धन लाभ वे उन्नती के योग है . शुभ कार्यो पे खर्च होंगे. परिवारिक सहयोग से किसी विशेष कार्य मे सफलता मिले. किन्तु उत्तरार्ध  भाग मे कुछ व्यवसायिक  व अर्थिक उलझनो का सामना रहेगा. किसी नवीन कार्य योजना को कार्यरूप देने का प्रयास लाभकर होगा.

कन्या- शनि की साढ़े साती  के कारण बनते कामो मे विघ्न -बाधाये उत्पन्न  होंगी. व्यवसाय मे संघर्ष  ऑर कठिन हालत  के बावजुद  निर्वाह योग्य आमदनी  के साधन बनते  रहेंगे. उत्तरार्ध  भाग मे भूमि जायदाद सम्बन्धी सुख साधनो पर खर्च अधिक होंगे .स्वास्थ्य ढीला रहेगा।  शिव उपासना कल्याणकारी होगी। 

तुला - मास आरम्भ  मे शनि की उच्च स्थिति होने से सुख -साधनो पर खर्च अधिक होगा  परन्तु अत्यधिक परिश्रम करने पर ही आय के साधन बढेगे।  शनि उच्च होने  पर होने से घरेलू हलत मे सुखद परिवर्टन होगे किन्तु  परिवारिक चिन्ता बनी रहेगी . ता 23 के बाद विदेशी कामो मे प्रगति  होगी.

वृश्चिक-गुरु की शुभ  दृष्टी होने से व्यवसाय मे लाभ के  अवसर और  स्वास्थ्य मे सुधार होगा. निर्वाह योग्य आय के साधन बनेगे. शुभ समाचार मिलेगा. उत्तरार्ध  भाग मे शुभ कार्यो पर खर्च होगा. अकस्मात्  मन मे उचाटता , उदासीनता और  परिवार मे मत भेद  भी उत्तपन होंगे. बनते कामो मे विघन उत्तपन्न  होंगे. चन्दिका स्तोत्र या मंत्र का पाठ करना शुभ होगा.

धनु- मासारम्भ मे राशिस्वामी गुरु उच्च  होकर अस्तगत है,फलस्वरुप शुरू मे बंटे कार्यो मे अड़चने रहेंगी. धन लाभ भी कम रहेगा. खर्च अधिक होगा. तरिक.5 के बाद गुरु पूर्वा दिशा से उदित होगा. बिगडे कामो मे सुधार होगा. आय के साधनो मे वृद्धि होगी. मासांत  मे कोई शुभ समाचार मिलेगा.

मकर- मसरम्भ मे मंगल की उच्च दृष्टी पड़ने से  गृह मे मंगल कार्य पर खर्च होगा. समाज मे मान प्रतिष्ठा बदेगी. किसी नये कार्य की योजना बनेगी. निकट व्यक्ति द्वारा सम्मान प्राप्त  होगा. रुका हुआ धन मिलने के अवसर बनेगे. आर्थिक परेशानियों  के कारन  उलझने बढेगी.

कुम्भ- राशी स्वामी शनि व मंगल का योग होने से विशेष रूप से स्वास्थ्य परेशानी,मानसिक तनाव , बनते  कामो मे विघन ऑर धन का खर्च अधिक रहेगा.उत्तरार्ध  मे किसी नवीन  कार्य की योजना बनेगी. अचानक  धन लाभ के भी अवसर मिलेगे. खर्च भी अधिक रहे.

 मीन- माह के आरम्भ  मे इस राशी पर केतु संचार होने से आकस्मिक  खर्च मे वृद्धि और गुजारे  योग्य आये के साधन बनते  रहेंगे. उत्तरार्ध  भाग मे कार्य व्यवसाय के लिए उत्साह में वृद्धि होगी किन्तु व्यर्थ के खर्चे परेशान करेंगे. स्वास्थ्य में उतार चढाव रहेगा।   धार्मिक कार्यो की तरफ रुझान बढेगा.